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पाक कब्जे वाले कश्मीर को मुक्त कराया जाए: मोहन भागवत

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            पाक कब्जे वाले कश्मीर को मुक्त कराया जाए: मोहन भागवत   Wed, 24 Oct 2012              नागपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ [आरएसएस] ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को मुक्त कराने की मांग की है। संघ ने यह भी कहा कि कश्मीर छोड़ने को विवश हुए हिंदुओं की वापसी के लिए अनुकूल माहौल बनाया जाना चाहिए ताकि वह सम्मान से अपने घरों को लौट सकें। विजयादशमी के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कश्मीर घाटी का उल्लेख करते हुए कहा, पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके को मुक्त कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्मू, लेह, लद्दाख व कश्मीर घाटी के प्रशासनिक व विकास से जुड़े मामलों में भेदभाव को समाप्त किया जाना चाहिए और सभी इलाकों को देश के अन्य क्षेत्र के समकक्ष लाया जाना चाहिए। मोहन भागवत ने कहा, कश्मीर छोड़ने पर विवश हुए हिंदूओं की वापसी के लिए अनुकूल माहौल बनाया जाना चाहिए जिससे सम्मान के साथ घाटी में अपने घरों में उनकी वापसी सुनिश्चित की ज...

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जल्द कानून बने: संघ

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  के स्थापना  दिवस  विजयादसमी  के अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह को नागपुर में संबोधित करते हुए सरसंघचालक माननीय  मोहन भागवत जी ने कहा ........................   अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जल्द कानून बने: संघ आरएसएस ने केंद्र सरकार से जल्द से जल्द ऐसा कानून बनाने को कहा जिससे अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की अनुमति प्राप्त हो जाए.विजयादशमी समारोह पर अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के लिए किसी तरह के ढांचे के निर्माण की अनुमति अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा से बाहर ही दी जानी चाहिए. इस आशय की खबरों का उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि मुसलमानों के लिए ढांचे के निर्माण के वास्ते राम जन्मभूमि स्थल के पास बडा भूखंड अधिग्रहित किये जाने के प्रयास हो रहे हैं.उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भूखंड का अधिग्रहण करेगी और केंद्र सरकार इस पर निर्माण के लिए वित्तपोषण करेगी. भागवत ने कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण का विषय अदालत के समक्ष लंबित है. इसलिए इस समय ऐसे गैर जि...

जिस दिन दसशीश धारी रावण हारा : वह दिन दसहरा

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रावण अति ज्ञानवान था और इसी कारण वह दशीश वाला दशानन कहलाया , मगर ज्ञान का अंहकार ही ज्ञान के सामने अंधकार उत्पन्न कर देता हे और व्यक्ति पता भ्रष्ट हो जाता हे । यही रावण  के साथ भी हुआ और जब वह महा पापी के रूप में राम के हाथों मारा गया , तब से वाही दिन दसहरा के रूप में जनता द्वारा मनाया जाता हे ..जिस दिन दसशीश धारी हारा वह दिन दसहरा ..... ***दशहरा*** ( विजयदशमी या शस्त्र-पूजा/आयुध-पूजा ) समर विजय रघुबीर के चरित जे सुनहिं सुजान। विजय विवेक विभूति नित तिन्हहिं देहिं भगवान।। हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार दशहरा है। अश्विन (क्वार) मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन होता है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था। इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। इसीलिये इस दशमी को विजयादशमी के नाम से जाना जाता है। दशहरा हिन्दुओं के वर्ष की तीन अत्यन्त शुभ तिथियों में से एक है, अन्य दो हैं चैत्र शुक्ल की एवं कार्तिक शुक्ल की प्रतिपदा। इसी दिन लोग नया कार्य प्रारम्भ करते हैं, शस्त्र-पूजा की जाती है। प्राचीन काल में राजा लोग इस दिन विजय की प्रार्थना कर रण-यात्रा क...

दिग्विजय के 27 सवाल : अरविंद केजरीवाल से

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http://raviwar.com ये रहे दिग्विजय के 27 सवाल  नई दिल्ली. 20 अक्टूबर 2012 कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह किसी भी मुद्दे पर जवाब देने के बजाये उसे उलझाने के लिये सिद्धहस्त माने जाते हैं. एक बार फिर उन्होंने अरविंद केजरीवाल से 27 सवाल पूछ कर उन्हें उलझाने की कोशिश की है. हालांकि इन सवालों पर केजरीवाल ने साफ किया है कि वे दिग्विजय सिंह के सवाल का जवाब नहीं देंगे. अरविंद का कहना है कि कांग्रेस बौखला गई है, इसलिये उलझाने की कोशिशें की जा रही है. दिग्विजय सिंह ने अरविंद केजरीवाल से पत्नी, नौकरी, एनजीओ और आंदोलन से जुड़े ये सवाल पूछे हैं- - क्या ये सच है कि 20 साल की IRS की नौकरी के दौरान आपकी पोस्टिंग दिल्ली से बाहर नहीं हुई? - क्या आपकी पत्नी का ट्रांसफर कभी दिल्ली से बाहर नहीं हुआ? - आपने अपनी स्टडी लीव की रिपोर्ट सरकार को क्यों नहीं दी? - क्या आप बिना इजाजत स्टडी लीव पर चले गए? - आपका एक बार चंडीगढ़ ट्रांसफर हुआ, लेकिन आपने ज्वाइन नहीं किया? - क्या ये सच है कि चंडीगढ़ ट्रांसफर के बाद VRS लेने की कोशिश की? - क्या सरकारी नौकरी करते हुए आपने NGO बनाने की इजाजत ली? - क्या NGO कबीर को...

प्रसिद्ध संत श्री गोमतीदासजी महाराज बृम्हलीन

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हिंडौन में 22 अक्टूबर सोमवार को महासमाधी दी जायेगी प्रसिद्ध संत श्री गोमतीदासजी महाराज रविवार को बृम्हलीन कोटा 21 अक्टूबर। करौली जिले हिण्डौन कस्बे के ख्याती प्राप्त संत और सम्पूर्ण भारत में आदर के साथ पूज्यनीय रह गोमतीदास जी महाराज कोटा में चतुर्मास चल रहा था। उनकी तबियत खराब होने पर उन्हे पारीक होस्पिटल बसंत विहार कोटा में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होने अंतिम सांस ली, उनका रविवार को सायं 5.30 बजे निधन हो गया है। उनका पार्थिव शरीर लेकर उनके शिष्य अरविन्द कौशल हिण्डौन को रबाना हो गये। सोमबार को हिण्डौन में उनका अंतिम संस्कार महासमाधी के रूप में ,उनके आश्रम में होगा। श्रीगोमतीदास जी कोटा में बहुत लोकप्रिय थे , उनकी 10 से अधिक गुरूपूर्णिमा उत्सवों का आयोजन कोटा में हुआ है। पूरे देश में उनके अनेकों आश्रम है। मुख्य आश्रम हिण्डौन में है। उन्होने करौली के पास स्थित सागर नामक स्थान पर तपस्या की थी, इसलिये वे सागर वाले के नाम से भी प्रसिद्ध थे, कोटा में उनका निवास पूर्व सांसद रघुवीरसिंह कौशल के निवास पर ही रहता था। अभी भी वे कौशल के नयापुरा निवास पर ही चतुर्मास कर रहे थे। शिष्यगण उन्ह...

ए मेरे वतन के लोगो,ज़रा आँख में भर लो पानी

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देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की आंखों में आंसू लाने वाले कवि प्रदीप के गीत ‘ए मेरे वतन के लोगो’ ने चीन से 1962 के युद्ध के बाद देश में संवेदना की एक लहर पैदा कर दी थी और नेहरू इस गीत से इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने लता को गले लगा लिया.  ए मेरे वतन के लोगो ए मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए कुछ याद उन्हें भी कर लो -2 जो लौट के घर न आए -2 ए मेरे वतन के लोगों ज़रा आँख में भर लो पानी जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुर्बानी जब घायल हुआ हिमालय खतरे में पड़ी आज़ादी जब तक थी साँस लादे वोः फिर अपनी लाश बिछा दी संगीन पे धर कर माथा सो गए अमर बलिदानी जो शहीद... जब देश में थी दिवाली वोः खेल रहे थे होली जब हम बैठे थे घरों में वोः झेल रहे थे गोली थे धन्य जवान वोः आपने थी धन्य वोः उनकी जवानी जो शहीद ... कोई सिख कोई जात मराठा कोई गुरखा कोई मदरासी सरहद पे मरनेवाला हर वीर था भारतवासी जो खून गिरा पर्वत पर वोः खून था हिन्दुस्तानी जो शहीद... थी खून से लात-पथ काया फिर भी बन्दूक उठाके दस-दस क...

अब तुम्हारे हवाले, वतन साथियों..

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Movie/Album: हकीकत (1964) Music By: मदन मोहन Lyrics By: कैफ़ी आज़मी Performed By: मो.रफ़ी फिल्म हकीकत के गीत ...कैफी आज़मी अब तुम्हारे हवाले, वतन साथियों.. कर चले हम फ़िदा, जन-ओ-तन साथियों.. अब तुम्हारे हवाले, वतन साथियों.. कर चले हम फ़िदा, जन-ओ-तन साथियों, अब तुम्हारे हवाले, वतन साथियों, कर चले हम फ़िदा, जन-ओ-तन साथियों, अब तुम्हारे हवाले, वतन साथियों, साँस थम थी गई, नब्ज़ जम थो गई, फिर भी बदठे कदम को न रुख ने दिया, कट गए सर हमारे, थो कुछ गम नहीं, सर हिमालय का हमने न झुक ने दिया, मरते मरते रहा बांक पण साथियों, अब तुम्हारे हवाले, वतन साथियों.. कर चले हम फ़िदा, जन-ओ-तन साथियों, अब तुम्हारे हवाले, वतन साथियों.. जिंदा रहेने के मौसम, बहुत है मगर, जान देने की रुत रोज़ आती नहीं, हुस्न और इश्क दोनों को रुसवा करे, वोह जवानी जो खून में नाहाठी नहीं, आज धरती बनी है दुल्हन साथियों, अब तुम्हारे हवाले, वतन साथियों.. कर चले हम फ़िदा, जन-ओ-तन साथियों, अब तुम्हारे हवाले, वतन साथियों.. राह कुर्बानियों की न वीरान हो, तुम सजाते ही रहना नए काफिले, फाथे का जश्न इस जश्न के बाद हैं, जिंदगी मौत से मिल रही है...

भारत - चीन युद्ध : पांच दशक पूरे : चुनोतियाँ बरकरार

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चीन से रक्षा को तैयार है भारत: एंटनी नवभारत टाइम्स | Oct 18, 2012, 08.58PM IST विप्र ।। नई दिल्ली भारत चीन से अपनी रक्षा के लिए तैयार है। रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी ने 1962 के भारत-चीन युद्ध के पांच दशक पूरे होने के मौके पर पत्रकारों के सवालों के जवाब में यह बात कही। एंटनी ने कहा कि हम अब अपने भूभाग के हर इंच की रक्षा में सक्षम हैं। लेकिन उन्होंने यह स्वीकार किया कि चीन के मुकाबले उससे लगे सीमांत इलाकों पर भारत ने समुचित ढांचागत विकास नहीं किया है। लेकिन उन्होंने कहा कि 2012 का भारत 1962 के भारत की तरह नहीं है। किसी भी चुनौती से मुकाबला करने के लिए सेनाओं को तैयार किया जा रहा है। चुनोतियाँ बरकरार ------------ हेंडरसन ब्रुक्स रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए: BJYM भाषा Oct 18, 2012,     गुवाहाटी।। भारतीय जनता युवा मोर्चा ने हेंडरसन ब्रुक्स रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है, जिसमें 1962 में हुए भारत-चीन युद्ध में भारत की हार के कारणों की जांच की गई है। एक माह तक चले इस युद्ध की 50वीं बरसी के मौके पर एक रैली के उद्घाटन समारोह को सं...

Dasha Mahavidya : Hindu Goddess

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Dasha Mahavidya (10 Mahavidyas) -Jaya Mukherjee **Kali** In her most famous pose as Daksinakali, it is said that Kali, becoming drunk on the blood of her victims on the battlefield, dances with destructive frenzy. In her fury she fails to see the body of her husband Shiva who lies among the corpses on the battlefield. Ultimately the cries of Shiva attract Kali's attention, calming her fury. As a sign of her shame a t having disrespected her husband in such a fashion, Kali sticks out her tongue. One South Indian tradition tells of a dance contest between Shiva and Kali. After defeating the two demons Sumbha and Nisumbha, Kali stays in a forest. With fierce companions she terrorizes the surrounding area. One of Shiva's devotees becomes distracted while doing austerities and asks Shiva to rid the forest of the destructive goddess. When Shiva arrives, Kali threatens him, claiming the territory as her own. Shiva challenges her to a dance contest, and defeats her when she is unab...

graviola tree : natural cancer cell killer

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    The Sour Sop or the fruit from the graviola tree is a miraculous natural cancer cell killer 10,000 times stronger than Chemo. Why are we not aware of this? Its because some big corporation want to make back their money spent on years of research by trying to make a synthetic version of it for sale. So, since you know it now you can help a friend in need by letting him know or just drink some sou r sop juice yourself as prevention from time to time. The taste is not bad after all. It’s completely natural and definitely has no side effects. If you have the space, plant one in your garden. The other parts of the tree are also useful. The next time you have a fruit juice, ask for a sour sop. How many people died in vain while this billion-dollar drug maker concealed the secret of the miraculous Graviola tree? This tree is low and is called graviola ! in Brazi l, guanabana in Spanish and has the uninspiring name “soursop” in English. The fruit is v...

बलात्कार की घटनाओं से सुप्रीम कोर्ट चिंतित : अभियुक्त को कमजोर आधार पर नहीं छोड़ना चाहिए

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सर्वोच्च न्यायलय का स्पस्ट मतलब हे की जहाँ तक अपराधी के ओरधि होने की संभावना हे ..वहां तक उसे बरी नहीं किया जाना चाहिए।।। इसीलिए उसने हाई कोर्ट द्वारा वारी मुलजिम को सजा योग्य माना ..... साक्ष्यों की विवेचना करते समय अदालतों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए और  अभियुक्त को कमजोर आधार पर नहीं छोड़ना चाहिए   समाचार का लिंक ---- http://zeenews.india.com/hindi बलात्कार की बढ़ती घटनाओं से सुप्रीम कोर्ट चिंतित Friday, October 12, 2012, नई दिल्ली : हरियाणा सहित देश के विभिन्न स्थानों पर बलात्कार की बढ़ती घटनाओं से चिंतित सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि इस तरह के घृणित अपराधों में लिप्त अभियुक्तों को बेतुके आधार पर छोड़ा नहीं जाना चाहिए। कोर्ट ने इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में 11 वर्षीय बच्ची से बलात्कार के बाद उसकी हत्या करने वाले युवक को बरी करने का इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्णय भी रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिक चिंता बलात्कार के मामलों में वृद्धि और दुनिया में महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराध को लेकर है। भारत भी इसका अपवाद नह...

Lepakshi Shiv Temple

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Lepakshi Temple सत्य, सनातन, सुन्दर, शिव! सबके स्वामी। अविकारी, अविनाशी, अज, अन्तर्यामी ॥1॥ हर हर.॥ आदि, अनन्त, अनामय, अकल, कलाधारी। अमल, अरूप, अगोचर, अविचल, अघहारी ॥2॥ हर हर.॥ ब्रह्मा, विष्णु महेश्वर, तुम त्रिमूर्तिधारी। कर्ता, भर्ता, धर्ता तुम ही संहारी ॥3॥ हर हर.॥ रक्षक, भक्षक, प्रेरक, प्रिय, औढरदानी। साक्षी, परम अकर्ता, कर्ता, अभिमानी ॥4॥ हर हर.॥ मणिमय-भवन निवासी, अति भोगी, रागी. सदा श्मशान विहारी, योगी वैरागी ॥5॥ हर हर.॥ छाल-कपाल,गरल-गल, मुण्डमाल,व्याली। चिताभस्मतन, त्रिनयन, अयनमहाकाली ॥6॥ हर हर.॥ प्रेत-पिशाच-सुसेवित, पीतजटाधारी। विवसन विकट रूपधर रुद्र प्रलयकारी ॥7॥ हर हर.॥ शुभ्र-सौम्य, सुरसरिधर, शशिधर, सुखकारी। अतिकमनीय, शांतिकर, शिवमुनि-मन-हारी ॥8॥ हर हर.॥ निर्गुण, सगुण, निरंजन, जगमय, नित्य-प्रभो। कालरूप केवल हर! कालातीत विभो ॥9॥ हर हर.॥ सत्, चित्, आनंद, रसमय, करुणामय धाता। प्रेम-सुधा-निधि, प्रियतम, अखिल विश्वत्राता ॥10॥ हर हर.॥ हम अतिदीन, दयामय! चरण-शरण दीजै। सब बिधि निर्मल मति कर अपना कर लीजै ॥11॥ हर हर.॥ PHoto Lapakashi Temple, Andhra Pradesh ,,, ----------- ------...

अत्यंत प्राचीन शक्तिपीठ : अंबाजी का मन्दिर

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  अम्बाजी गुजरात राज्य के बनासकांठा ज़िले में स्थित एक प्रसिद्ध तीर्थ है।     यहां सरस्वती नदी, कोटेश्वर महादेव और अंबाजी का मन्दिर है।     स्थानीय किंवदंती है कि बालकृष्ण का मुंडन संस्कार यहीं हुआ था।     गुजरात का अम्बाजी मंदिर। माँ अम्बा-भवानी के शक्तिपीठों में से एक इस मंदिर के प्रति माँ के भक्तों में अपार श्रद्धा है। यह मंदिर बेहद प्राचीन है। मंदिर के गर्भगृह में माँ की कोई प्रतिमा स्थापित नहीं है। यहाँ माँ का एक श्री-यंत्र स्थापित है। इस श्री-यंत्र को कुछ इस प्रकार सजाया जाता है कि देखने वाले को लगे कि माँ अम्बे यहाँ साक्षात विराजी हैं। नवरात्र में यहाँ का पूरा वातावरण शक्तिमय रहता है। शक्तिस्वरूपा अम्बाजी देश के अत्यंत प्राचीन 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। वस्तुतः हिंदू धर्म के प्रमुख बारह शक्तिपीठ हैं। इनमें से कुछ शक्तिपीठ हैं- काँचीपुरम का कामाक्षी मंदिर, मलयगिर‍ि का ब्रह्मारंब मंदिर, कन्याकुमारी का कुमारिका मंदिर, अमर्त-गुजरात स्थित अम्बाजी का मंदिर, कोल्हापुर का महालक्ष्मी मंदिर, प्रयाग का देवी ललिता का मंदिर, वि...

50 लाख से 300 करोड़ कैसे हो गई रॉबर्ट वाड्रा की संपत्ति ?

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http://khabar.ibnlive.in.com 50 लाख से 300 करोड़ कैसे हो गई रॉबर्ट वाड्रा की संपत्ति ?    आईबीएन-7 Oct 05, 2012 सनसनी मचा दी। उसने आरोप लगाया कि वाड्रा ने अपने रसूख का इस्तेमाल करके 50 लाख की पूंजी से महज तीन साल में 300 करोड़ की संपत्ति बना ली। इसमें मशहूर कंस्ट्र्क्शन कंपनी डीएलएफ ने उनकी मदद की। टीम ने इस बात की जांच की मांग की है कि क्या रॉबर्ट वाड्रा को मदद करने के एवज में ही कांग्रेस सरकारों ने डीएलएफ को बड़े पैमाने पर जमीनें आवंटित कीं। अपने ऐलान के मुताबिक टीम केजरीवाल जब शुक्रवार शाम दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में पत्रकारों से मुखातिब हुई तो किसी को अंदाजा नहीं था कि वो इतना बड़ा धमाका करेगी। लेकिन प्रेस कांफ्रेंस शुरू हुई तो निशाने पर थे यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद और प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा। टीम ने वाड्रा की कंपनियों से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर ही दावा किया कि वाड्रा के पास महज 50 लाख की पूंजी थी, लेकिन उन्होंने तीन साल में तीन सौ करोड़ की संपत्ति जुटा ली। आश्चर्य की बात है कि मशहूर कंस्ट्रक्शन कंपनी डीएलएफ ने वाड्रा को बिना किसी...

द्वारिकाधीश मंदिर, द्वारिका

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द्वारिकाधीश मन्दिर, द्वारका, गुजरात   Dwarkadhish Temple, Dwarka, Gujarat द्वारिकाधीश मंदिर द्वारिका साभार - भारत डिस्कवरी प्रस्तुति गुजरात का द्वारका शहर वह स्थान है जहाँ 5000 वर्ष पूर्व भगवान कृष्ण ने मथुरा छोड़ने के बाद द्वारका नगरी बसाई थी। जिस स्थान पर उनका निजी महल 'हरि गृह' था वहाँ आज प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर है। इसलिए कृष्ण भक्तों की दृष्टि में यह एक महान तीर्थ है। वैसे भी द्वारका नगरी आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित देश के चार धामों में से एक है। यही नहीं द्वारका नगरी पवित्र सप्तपुरियों में से एक है। इतिहास मान्यता है कि इस स्थान पर मूल मंदिर का निर्माण भगवान कृष्ण के प्रपौत्र वज्रनाभ ने करवाया था। कालांतर में मंदिर का विस्तार एवं जीर्णोद्धार होता रहा। मंदिर को वर्तमान स्वरूप 16वीं शताब्दी में प्राप्त हुआ था। द्वारिकाधीश मंदिर से लगभग 2 किमी दूर एकांत में रुक्मिणी का मंदिर है। कहते हैं, दुर्वासा के शाप के कारण उन्हें एकांत में रहना पड़ा। कहा जाता है कि उस समय भारत में बाहर से आए आक्रमणकारियों का सर्वत्र भय व्याप्त था, क्योंकि वे आक्रमणकारी न सिर्फ़ म...

नियुक्तियों से स्पष्ट हे कि कांग्रेस और डी एम के, के मुखिया घोटालों में शामिल थे

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इन नियुक्तियों से स्पष्ट हे कि कांग्रेस और डी एम के, के मुखिया इनके घोटालों में शामिल थे ..... इसी कारण संसदीय समितियों की शाख की परवाह किये बिना , इन घोटाले बाजों की होंसला अफजाई की गई हे ।   कलमाडी, राजा समितियों में नामित, भाजपा ने की आलोचना Date: 03-10-2012 http://www.punjabkesari.in नयी दिल्ली : भाजपा ने विवादास्पद सांसद सुरेश कलमाडी और ए राजा को संसद की स्थायी समितियों में नामित किए जाने की आज आलोचना की, जबकि इसके सहयोगी दल जदयू को इसमें कुछ गलत नजर नहीं आता। भाजपा ने कहा कि इस कदम से यह जाहिर हो गया है कि कांग्रेस व संप्रग भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के प्रति गंभीर नहीं है। हालांकि, कांग्रेस ने इस फैसले का बचाव किया और कहा कि स्थायी समितियों का सदस्य बनना सांसदों का अधिकार है। भाजपा ने कहा कि कलमाडी को राष्ट्रमंडल खेल परियोजनाओं में घोटाले के मामले में जेल भेजा गया था ऐसे में कांग्रेस ने उन्हें विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति का सदस्य बना दिया है। भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी ने कहा, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने यह फैसला किया है जिन्होंने कलमाडी को ...

चिट्ठी बम : देखो मनमोहन अपनी ही चिठ्ठी ..FDI

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देखो मनमोहन अपनी ही चिठ्ठी ... मनमोहन सिंह की इसी चिट्ठी बम को सरकार के माथे पर फेंकते हुए ममता बनर्जी ने 2004 में फेडरेशन आफ एसोसिएशन आफ महाराष्ट्र के सिंघवी की वह चिट्ठी भी सार्वजनिक की है जो सिंघवी की ओर से 2004 में मनमोहन सिंह को लिखी गई थी. यह चिट्ठी जब मनमोहन सिंह को लिखी गई थी तब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बन चुके थे. 20 दिसंबर 2004 को सिंघवी द्वारा लिखी चिट्ठी में मनमोहन सिंह को याद दिलाया गया है कि कैसे उन्होंने 2002 में मुलाकात और पत्राचार के दौरान भूमंडलीकर की निंदा की थी और कहा था कि हमें इस तरह का विकास नहीं चाहिए जो रोजगार पैदा करने की बजाय रोजगार को नष्ट करता हो. सिंघवी ने अपनी इस चिट्ठी में इस बात पर आश्चर्य जताया है कि मनमोहन सिंह सरकार का वित्त मंत्रालय रिटेल ट्रेड में विदेशी पूंजी निवेश की संभावनाएं तलाश रहा है. 2004 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखी चिट्ठी में सिंघवी ने चिंता जताई है कि कैसे विदेशी रिटेल स्टोर का संचालन करनेवाली कंपनियों के दलाल सरकार के मंत्रियों और आईएएस अधिकारियों को प्रभावित करके देश के खुदरा बाजार में विदेशी निवेश लाने की तैयारी कर रहे ह...

गांधी के विरुद्ध भी ............

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गांधी के विरुद्ध भी ............ Akhil Bharat Hindu Mahasabha हम तुमसे नफरत करते हैं गांधी 1. अमृतसर के जलियाँवाला बाग़ गोली काण्ड (1919) से समस्त देशवासी आक्रोश में थे तथा चाहते थे कि इस नरसंहार के खलनायक जनरल डायर पर अभियोग चलाया जाए। गान्धी ने भारतवासियों के इस आग्रह को समर्थन देने से मना कर दिय ा। 2. भगत सिंह व उसके साथियों के मृत्युदण्ड के निर्णय से सारा देश क्षुब्ध था व गान्धी की ओर देख रहा था कि वह हस्तक्षेप कर इन देशभक्तों को मृत्यु से बचाएं, किन्तु गान्धी ने भगत सिंह की हिंसा को अनुचित ठहराते हुए जनसामान्य की इस माँग को अस्वीकार कर दिया। क्या आश्चर्य कि आज भी भगत सिंह वे अन्य क्रान्तिकारियों को आतंकवादी कहा जाता है। 3. 6 मई 1946 को समाजवादी कार्यकर्ताओं को अपने सम्बोधन में गान्धी ने मुस्लिम लीग की हिंसा के समक्ष अपनी आहुति देने की प्रेरणा दी। 4.मोहम्मद अली जिन्ना आदि राष्ट्रवादी मुस्लिम नेताओं के विरोध को अनदेखा करते हुए 1921 में गान्धी ने खिलाफ़त आन्दोलन को समर्थन देने की घोषणा की। तो भी केरल के मोपला में मुसलमानों द्वारा वहाँ के हिन्दुओं की मारकाट की जिसमें लगभग 1500...