पुलिस के राजनीतिकरण रोकनें पर , गंभीरता से ध्यान देना होगा - अरविन्द सिसौदिया

 

Arvind Sisodia
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पुलिस के राजनीतिकरण रोकनें पर , गंभीरता से ध्यान देना होगा - अरविन्द सिसौदिया

Serious attention has to be paid to stop politicization of police - Arvind Sisodia
 

महाराष्ट्र , पंजाब,राजस्थान और बंगाल में पुलिस और राजनैतिक कार्यकर्ताओं का बेजा इस्तेमाल सत्तारूढ़ दल के द्वारा किए जानें की घटनायें लगातार सुर्खियां बन रहीं है। विश्व के सबसे बडे राजनैतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष, केन्द्रीय मंत्री, सांसद एवं विधायक तक इसकी चपेट में आये हैं। झूठे मुकदमें लादे गये, अन्यायपूर्ण घटनाक्रम अंजाम दिये गये और पुलिस स्वयं लगातार कठघरे में खडी है। न वह स्वयं निष्पक्षता से काम कर पा रही है और न ही सत्तारूढ़ दलों के कार्यकर्ताओं की मनमानी रोक पा रही है। 

पंजाब में तो पुलिस ने प्रधानमंत्री जी की जान तक खतरे में डाल दी थी।

अब यह प्रश्न खडा हो गया है कि पुलिस को निष्पक्ष एवं प्रभावी बनाये रखनें के लिये क्या कदम उठाये जायें। क्या उसे केन्द्र के अधीन लाया जाये या न्यायपालिका के अधीन लाया जाये।

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