हिन्दुस्तान को मुगलिस्तान बनानें के सभी षडयंत्र विफल करनें होंगे - अरविन्द सिसौदिया

 

 

हिन्दुस्तान को मुगलिस्तान बनानें के सभी षडयंत्र विफल करनें होंगे - अरविन्द सिसौदिया

भारत में मुगल हमलावर थे, उन्होने जबरिया धर्मान्तरण करके लाखों मुसलमान बनाये, गांवो शहरों के नाम बदले, मंदिरों मूर्तियों को तोडा , हिन्दू देवस्थानों पर अपने धर्मस्थल खडे किये। इतिहास इस बात का साक्षी है। अंग्रेज हकूमत ने निश्चित ही मुगल शासन को पराजित कर ब्रिटिश हकूमत खडी की , टुकडों टुकडों में बंटे भारत का एकीकरण किया , 1857 के स्वतंत्रता संग्राम जिसे तब गदर कहा गया । उसके बाद कुछ समय तक अंग्रेज मुसलमानों के खिलाफ भी रहे, मगर बाद में उन्होनें अघोषित संधी कर मुसलमानों का साथ दिया और साथ लिया। इसी रणनीति का हिस्सा बंग भंग था और बाद में देश विभाजन और पाकिस्तान निर्माण भी रहा।

1947 में हिन्दुओं को हिन्दुस्तान मिला था, किन्तु हिन्दुओं से लगातार धोका होता रहा, देश को मुगलिस्तान बनानें वाली ताकतें भारत के बाहर से और भारत के अन्दर , अघोषित एजेण्डे पर अपना काम करती रहीं हैं।  मुसलमानों का जनसंख्या विस्फोट भी इसी एजेण्डे का एक हिस्सा रहा है। बांगला देशी मुसलमनों को भारत में बसाये जानें का निरन्तरता भी इसी का हिस्सा है। भारत में तस्करी,अपराध और हिंसा पर अपना बर्चस्व बना कर भय स्थापित करना भी इसी एजेण्डे का हिस्सा है। रोहिंग्याओं को भारत में अघोषित एवं अवैध्यरूप से बसानें की बात भी इसी तथ्य के पक्ष में है । और भी कई तरह के टकराव उत्पन्न करना

 
2014 से जो केन्द्र सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में काम कर रही है, वह निश्चत रूप से इन षडयंत्रों को पहचान रही है। संवैधानिक स्थितियों के बीच से जो रास्ता बन रहा है, उसे निकाल रही है। किन्तु उसके सामनें भी बाधा खडी करने वाले लोग भी भारत के ही है। वोट बैंक पोलटिक्स के सामनें राष्ट्र की सम्प्रभुता गौड हो रही है।

जब भारत की स्वतंत्रता और सम्प्रभुता के लिये महाराणा प्रताप लड रहे थे तो उन्हे कमजोर करनें के लिये उनके सामनें भी दूसरा हिन्दुस्तानी मान सिंह ही खडा था। यही स्थिती अभी भी बनीं हुई है, हिन्दुस्तान को मुगलिस्तान बनानें की मानसिकता से चल रहे षडयंत्र को पहचानना होगा और उसे विफल करना होगा । यह जिम्मेवारी औप जबावदेही आज के सभी राजनैतिक दलों की है। सभी जागरूक नागरिकों की है। भारत में नया पाकिस्तान अब नहीं बनने दिया  जायेगा इस तरह की संकल्पना लेनीं ही होगी। 

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