गांधीजी को भुनाने से बाज आएं राहुल : महात्मा गांधी के प्रपौत्र श्रीकृष्ण कुलकर्णी

(यह आलेख 2014 का है, किन्तु इसकी निरंतरतर हैं। पाठक इसे इसी संदर्भ से ग्रहण करें।)

गांधीजी को भुनाने से बाज आएं राहुल : महात्मा गांधी के प्रपौत्र श्रीकृष्ण कुलकर्णी
 नई दिल्ली। 
आरएसएस को महात्मा गांधी का हत्यारा बताने पर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी को फटकार मिली है. कांग्रेस के युवराज को यह फटकार सुनाई है राष्‍ट्रपिता के परपोते श्रीकृष्‍ण कुलकर्णी ने.कुलकर्णी ने सोशल मीडिया पर एक पत्र लिखकर राहुल गांधी को जबर्दस्‍त फटकार लगाई है. उन्होंने फेसबुक पर लिखा है कि महात्मा जी की हत्या बहुत पुरानी बात हो चुकी है और उनका परिवार उस घटना से अब काफी दूर जा चुका है. कुलकर्णी ने लिखा है कि यह कहना कि आरएसएस ने महात्मा गांधी की हत्या की, कुछ इस तरह से होगा कि कहा जाए कि आपके पिता की हत्या तमिलों ने की थी. ऐसा कहना मिथ्या नहीं होगा क्या? दो लोगों के मिलने से ही एक समुदाय नहीं बन जाता है. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अपने स्वार्थों के लिए गांधी के नाम का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को विभिन्न आयोगों के फैसलों को स्वीकार कर लेना चाहिए. इसलिए इस पहेली को यहीं खत्म कर देना चाहिए. कुलकर्णी ने यह भी कहा कि कांग्रेस को गांधी के नाम का फायदा उठाने की कोशिश करना बंद कर देनी चाहिए. उन्‍होंने लिखा है, 'आप लोग गांधी परिवार से नहीं है। 
--------------

March 11, 2014
गांधीजी को भुनाने से बाज आएं राहुल

नई दिल्ली [प्रणय उपाध्याय]। महात्मा गांधी की हत्या के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ [आरएसएस] को जिम्मेदार ठहराने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बयान पर अब राष्ट्रपिता के परिवार ने भी एतराज जता दिया है। महात्मा गांधी के प्रपौत्र श्रीकृष्ण कुलकर्णी ने खुला खत लिखकर राहुल को सियासी फायदे के लिए गांधीजी के नाम को भुनाने से बाज आने को कहा है।

पेशे से आइटी इंजीनियर श्रीकृष्ण कुलकर्णी का कहना है कि उनके नाना और महात्मा गांधी के तीसरे पुत्र रामदास गांधी ने तत्कालीन गृह मंत्री सरदार पटेल को पत्र लिख नाथूराम गोडसे को फांसी न देने का आग्रह किया था। बेंगलूर में बसे श्रीकृष्ण ने सोशल नेटवर्किग साइट फेसबुक पर नत्थी किए अपने पत्र में कहा है कि 1969 में जब उनके नाना रामदास गांधी मरणासन्न थे, तो नाथूराम गोडसे के छोटे भाई गोपाल गोडसे भी उनसे मिलने आए थे। ऐसे में परिवार के लिए गांधी हत्याकांड अब अतीत का बंद अध्याय है। श्रीकृष्ण ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी से आग्रह किया है कि महात्मा गांधी की हत्या पर बने जांच आयोगों के नतीजों का सम्मान किया जाए और सियासी फायदे के लिए इसे भुनाना बंद किया जाए। श्रीकृष्ण कुलकर्णी के मुताबिक चुनावी फायदे के लिए गांधी हत्याकांड को उछालने की कोशिशों के बीच यह जरूरी हो गया था कि महात्मा गांधी के परिवार का ही कोई सदस्य इस मुद्दे पर विराम लगाए। श्रीकृष्ण ने गांधी हत्याकांड के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को दोष देने पर भी तीखा एतराज जताया। उनके मुताबिक किसी एक व्यक्ति की गलती के लिए पूरे समूह या समाज को गलत नहीं ठहराया जा सकता।

राष्ट्रपिता की पौत्री सुमित्रा के बेटे हैं श्रीकृष्ण

महात्मा गांधी के तीसरे बेटे रामदास गांधी की शादी निर्मला गांधी से हुई थी। इनके तीन बच्चे हुए सुमित्रा, कानू और ऊषा। बेटी सुमित्रा आइएएस अधिकारी थीं और इंदिरा गांधी के आग्रह पर 1972-78 के बीच कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य भी रहीं। हालांकि, आपातकाल के दौरान उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता छोड़ दी थी। सुमित्रा की शादी प्रोफेसर गजानन कुलकर्णी से हुई। गजानन आइआइएम अहमदाबाद में फैकल्टी संस्थापक रहे हैं। अभी बेंगलूर में रहते हैं। इन दोनों के तीन बच्चे हुए। जुड़वां बेटे रामचंद्र कुलकर्णी व श्रीकृष्ण कुलकर्णी और बेटी सोनाली कुलकर्णी। गांधीजी की हत्या से जुड़े राहुल गांधी के बयान पर खुला पत्र जारी करने वाले यही श्रीकृष्ण कुलकर्णी हैं।

‘परिवार के लिए महात्मा गांधी हत्याकांड एक बंद अध्याय है। अब राहुल गांधी अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस नाम का इस्तेमाल करना बंद कर दें। किसी एक की गलती के लिए पूरे समूह को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।’

-श्रीकृष्ण कुलकर्णी, महात्मा गांधी के प्रपौत्र

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

‘‘भूरेटिया नी मानू रे’’: अंग्रेजों तुम्हारी नहीं मानूंगा - गोविन्द गुरू

खींची राजवंश : गागरोण दुर्ग

Complete heroic story of lord hanuman ji ( hindi and english )

स्वामी विवेकानन्द : प्रेरक प्रसंग Swami Vivekananda motivational incident

हिन्दु भूमि की हम संतान नित्य करेंगे उसका ध्यान

यूरोप नें अपने हैप्पी न्यू ईयर पर दुनिया को "युद्ध गिफ्ट" किया - ड़ा इन्द्रेश कुमार

जीवन मे कुछ करना है तो, मन को मारे मत बैठो

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान