राज्यसभा में एनडीए को बहुमत, भाजपा सबसे बड़ा दल

राज्यसभा में एनडीए को बहुमत, भाजपा सबसे बड़ा दल 

 वर्तमान में राज्यसभा में 250 सीटें हैँ इनमें 12 सीटों पर राष्ट्रपति महोदय मनोनीत करते हैँ। अर्थात 238 सीटें विधानसभाओं से निर्वाचित कर राज्यसभा भेजे गये सदस्यों से भारी जातीं हैँ।अभी इनमें 4 जम्मू और कश्मीर की सीटें खाली हैँ और 4 मनोनीत होनें वाली सीटें खाली हैँ। 

हाल ही में सम्पन्न राज्यसभा उपचुनाव में राज्यसभा की 12 सीटों पर उपचुनाव हुए, सभी उम्मीदवारों का निर्विरोध चुनाव हो गया, जिसमें एनडीए को 11 सीटों पर जीत हासिल हुई है। वहीं, कांग्रेस के खाते में 1 सीट गई है। 

ऐसे में BJP की पकड़ राज्यसभा में मजबूत हुई है अब उसके पास 96 सदस्य हैँ और उसका गठबंधन एनडीए की संख्या भी 112  तक पहुंच गई है। इसके अतिरिक्त 6 मनोनीत सदस्यों और 1 अन्य सदस्य का समर्थन एनडीए को है, इस प्रकार से 119 सदस्यों की संख्या एनडीए के पक्ष में बैठती है। वर्तमान में 237 सदस्य संख्या वाले सदन में 119 संख्या के समर्थन से एनडीए बहूमत प्राप्त कर चुका है।इतिहास में पहली बार है कि एनडीए राज्यसभा में बहूमत और आत्मनिर्भर है । वहीं कांग्रेस की सदस्य संख्या मात्र 27 ही है। यह नेता प्रतिपक्ष के लिए आवश्य संख्या 25 से मात्र 2 अधिक है।
हाल के राज्यसभा उपचुनाव में बीजेपी के 9 और उसके सहयोगी दलों के 2 सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं। इस तरह से कुल 12 में से 11 सीटें एनडीए को मिली कांग्रेस को मात्र 1 सीट तेलंगाना में मिली है।

इन उपचुनावों में भाजपा को 2 सीटों का फायदा हुआ वहीं कांग्रेस को एक का नुकसान हुआ है। पूर्व स्थिति में भाजपा के पास इनमें से 7 सीटें थीं जो अब बढ़ कर 9 हो गईं। कांग्रेस पर 2 सीटें थीं जो घट कर 1 रह गई। वहीं कांग्रेस के गठबंधन के व अन्य दलों की सीटें छीन गईं। जैसे पहले बीजू जनता दल की 1, बी आर एस की 1, आर जे डी की 1 सीटें थीं जो अब उन पर नहीं रहीं। इसका लाभ भाजपा और एनडीए को मिला है।  घटक दल अजित पँवार गुट को और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 1-1 सीट के रूप में हुआ।

अब भाजपा की केंद्र सरकार को अन्य दलों पर बहुत निर्भर नहीं रहना होगा। जैसा कि अभी तक था।

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