हर बात में झूठ और भ्रम की विपक्षी राजनीति से देश सावधान रहे - अरविन्द सिसोदिया

             हर बात में झूठ और भ्रम की विपक्षी राजनीति से देश सावधान रहे 
                                      - अरविन्द सिसोदिया

कोटा 8 अगस्त। 

कांग्रेस पिछले एक दशक से केंद्र सरकार के विरुद्ध सिर्फ विरोध तक ही सीमित है जबकि उसे जनहित और लोककल्याण के साथ भी खड़ा होना चाहिए। विपक्ष का कोई मनमाना मतलब नहीं निकाला जा सकता बल्कि सही यही है कि जनता नें उन्हें निर्णय लेंने का अधिकार नहीं दिया है बल्कि उन्हें सिर्फ सुझाव देनें का अधिकार दिया है। विपक्ष होनें का मतलब ही यह है कि आप जनता के विश्वास पर खरे नहीं उतरे जनता नें आपको नहीं चुना। इसलिए जनहित के लिये गुण दोष के आधार पर आपको काम करना है। 

मोदीजी की सरकार के निर्णय जनता के हित में थे इसी लिये वे लगातार रिपीट हुए। और यह भी एक कठोर सत्य है कि कांग्रेस नेतृत्व का विरोध तथ्यहीन था या जनहित से जुड़ा नहीं था इसलिए उन्हें लगातार सत्ता से दूर रखा। 

इस समय दो मुद्दों पर कांग्रेस झूठ और भ्रमित कर रही है पहला महिला पहलवान को पदक से बाहर किए जाने के मामले में कि उसे पदक से दूर रखने में मोदी सरकार का हाथ है। जबकि यह एक बड़ा सत्य है कि वह महिला पहलवान खुद कन्फ्यूज रही कि उसे किस वजन के ग्रुप में खेलना चाहिए, वह जिस वजन के ग्रुप में थी ही नहीं उसमें खेल ली, वजन ज्यादा होनें से बाहर कि गई। इसमें मोदी सरकार पर आरोप झूठे और तथ्यहीन होनें के साथ राजनैतिक द्वेषता से प्रेरित हैँ। सरकार तो गंभीरतम सहयोग कर रही है।

इसी तरह गरीब मुस्लिमों के हितों के लिये वफ़ कानून में संसोधन को लाये कानून को बिना पढ़े ही वोट बैंक की राजनीति के लिये विरोध करना। जबकि यह बदलाव सामान्य मुस्लिम हित में है।

कांग्रेस को जनहित के विरोध का परिणाम जन अस्वीकृति के रूप में मिलता रहा है किन्तु देश में झूठ और भ्रम परोसना उसकी आदत बन चुकी है।

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