कविता - आगे बढ़ो

कविता 

🌟 आगे बढ़ो 🌟

- अरविन्द सिसोदिया 
  9414180151

विश्वास जब थक कर टूट जाता है,
पुरुषार्थ का साहस ही काम आता है।
ईश्वर का सच्चा संदेश यही है,
डरो मत, झुको मत — आगे बढ़ो, आगे बढ़ो,
हिम्मत से ही हार पराजित होती है।
---1---

अंधेरों के बाद ही सवेरा आता है,
जो गिर कर भी उठे, वही जीत पाता है।
पथरीले रास्तों से मत घबराना,
हर कांटे में छिपा फूल मुस्कुराता है।
---2---

समय की धारा को कोई रोक न पाया,
जिसने खुद पर भरोसा किया, वही जीत पाया।
संघर्ष ही जीवन की असली साधना है,
जो डटा रहा, उसी ने जग पाया।
---3---

सपनों को सच करने की लगन जगाओ,
अपने कर्मों से नई राह बनाओ।
हार को जीत में बदलने की ठान लो,
जीवन में हर पल आगे बढ़ते जाओ।

 समाप्त 


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