आर्थिक भ्रष्टाचार रोकनें के लिए,संपत्तियों के रिकार्डों को आधारकार्ड से जोड़ा जाना चाहिए - अरविंद सिसोदिया

आर्थिक भ्रष्टाचार रोकनें के लिए,संपत्तियों के रिकार्डों को आधारकार्ड से जोड़ा जाना चाहिए  -  अरविंद सिसोदिया


भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में आय से अधिक संपत्ति कमाने वाले और आर्थिक हेरा फेरी  कर भ्रष्टाचार से अकूत धन इकट्ठा करने वाले लोगों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने बहुत सारी कार्यवाहीयां की है , बहुत बड़ी संख्या में लोग पकड़े गए हैं और इनसे एक बहुत बड़ी ऐसी राशि जो अवैध थी गलत थी या गलत तरीकों से कमाई गई थी को ईडी ने जप्त किया है ।

ईडी की कार्यवाहीओं से कई सारे राजनीतिक दलों के हैसियतवान लोगों की धनी लिप्सा , राजनीतिक पद के दुरुपयोग और उसके द्वारा मोटी मोटी राशि कमाई जाने के मामले भी एक्सपोज हुए हैं। कुल मिलाकर राजनीति से अकूत धन बनाया जा सकता है यह सामने आया है।

 इन कार्यवाहियों से जो धन संपत्ति सामने आरही है उसनें  कई प्रश्न खड़े किए हैं। उनसे जुड़े कानूनों में संशोधन भी आवश्यकता सामने रखी है।

 जैसे कि  
1 - एक व्यक्ति को अपने पास नगद राशि कितनी रखनें का अधिकार है ? वह अपने घर में  10,000 /50,000 /1 लाख / 5लाख अर्थात कितनी राशि नगद राशि / रुपया   अधिकतम
अपने घर में कितना रख सकता है । इसका एक कानून होना चाहिए । ताकि यह कमरों में , गोदामों में , फ्लैटों में जो अकूत राशियां प्राप्त हो रही है , वे प्राप्त होना बंद हों और यह राशि बैंकों में जमा हो कर,देश की अन्य गतिविधियों में काम आए । अर्थात वह धन उत्पादक बनें ।

2 - इसी तरह से संपत्ति के संदर्भ में भी स्थाई रजिस्ट्रेशन होना ही चाहिए , जिस तरह गांव में पटवारी हिसाब रखता है, उसी तरह शहर में संपत्ति का स्थाई रिकार्ड होना ही चाहिए।
उस संपत्ति का एक क्रमांक , उसका मालिकाना हक ,उस पर कब्जा धारी का नाम ,यह सब एक निश्चित  रिकार्ड में हो और उसका कार्ड भी हो । यह कार्ड, पैन कार्ड या आधार कार्ड की तरह हो । आधर कार्ड से लिंक्ड हो। एक किलिक पर व्यक्ति की समस्त संपत्ति सामनें आनी चाहिए ।

3- शेयर होल्डर , कंपनी , उसके धारक , पार्टनरशिप इन सब का भी कहीं ना कहीं कोई एक निश्चित रिकॉर्ड और रिकॉर्ड के साथ आधार कार्ड जुड़ा होना चाहिए।

4- इसी तरह से कुछ बहुमूल्य वस्तुओं में जो इन्वेस्ट किया जाता है जैसे सोने में , प्लैटिनम में, विभिन्न प्रकार के रत्नों में जेवरातों में इनकी भी एक लिमिट होनी चाहिए और उस लिमिट से अधिक कुछ भी है । तो उसका आधार कार्ड से लिंक ऐड होना चाहिए। जैसा प्रति व्यक्ति अधिकतम 5 तोला सोना, 500 ग्राम चांदी , इसी तरह के मानक बनानें होंगे ।

कुल मिलाकर यह है कि संपत्तियों का कालापन , संपत्तियों का छुपाना, संपत्तियों का बिना हिसाब किताब के रखा जाना , यह देश के मूल आर्थिक ढांचे को नुकसान पहुंचाता है । इस तरह के ढांचे को नुकसान पहुंचाने की कोई भी गतिविधि अवरुद्ध करना और व्यवस्थित नियमों से नियमित करना होगा ।

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