कानपुर में zika जीका वायरस का प्रकोप बड़ा उत्तरप्रदेश को चुनाव तक बहुत सावधान रहना पड़ेगा

कानपुर में जीका वायरस का प्रकोप बड़ा
उत्तरप्रदेश को चुनाव तक बहुत सावधान रहना पड़ेगा

   
हाल ही में खबर आई है कि कानपुर में अब जीका वायरस के 11 मरीज हो गए हैं यह सारे मरीज हवाई अड्डे के आसपास के इलाके में  ही मिले हैं । 

वहां  प्रशासन बहुत तेजी से काम पर लग गया है । जांचें की जा रहीं हैं । क्षेत्र को मच्छर और वायरस दोनों से मुक्त करने के लिए फागिंग और छिड़काव आदि भी प्रारंभ कर दिये  गये है । 

    जैसा कि बार-बार मेरे मन में एक शंका उठती है कि हमारे देश में कुछ विदेशी षड्यंत्र चल रहे हैं यह विदेशी षड्यंत्र मूल रूप से भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री की छवि खराब करने के लिए नियोजित होते हैं । 

   इनके पीछे कौन है क्या है यह सारी बातें हल्की-फुल्की समझ में भी आती हैं तो भी इनके सबूत नहीं होते हैं ।

विश्व राजनीति में इस तरह के छल कपट पूर्ण नीतियां बहुत बड़े स्तर से चलती भी हैं और उन पर बहुत ही विशेषज्ञ टीमें काम करती हैं । 

    उत्तर प्रदेश चुनाव तक भारतीय जनता पार्टी कि केंद्र  सरकार एव विशेषकर उत्तर प्रदेश की सरकार को बहुत अधिक सावधान रहना होगा। किसी भी तरह की जनहानि का  विषय या समस्या सामने आते ही उसे वही पकड़ना और वहीं दबोच ना और वहीं समाप्त करना कि नीति पर चलना होगा । 

  क्योंकि इस देश का हिंदू हमेशा दबा रहे, कुचला रहे , गुलाम रहे और अंततः वह समाप्त हो जाए । इस तरह की मनोवृत्ति वाली शक्तियां लगातार काम कर रही हैं और उनके षडयन्त्रों  के कारण देश में निरंतर खतरे बढ़ रहे हैं ।

    इसलिए सावधानी में , सतर्कता में विशेष संवेदनशील रहना होगा। स्थितियां तुरन्त संभालनी होंगी । उनका शमन कठोरता पूर्वक करना होगा । गलत गतिविधियों को तुरंत पकड़ना और उन्हें समाप्त करनें की नीति होना चाहिए। इस तरह की किसी भी कार्यवाही में कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

लखीमपुर घटनाक्रम सुनियिजित था । इस तरह के और भी षड्यन्त्र सामनें आ सकते हैँ । स्वरूप बदल कर सब कुछ हो सकता हैं । इस लिए निरन्तर सतर्कता ब्रतनीं होगी ।

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