हिन्दूओं को भगवान श्रीकृष्ण Shree Krishana के संदेश को मानना चाहिये - अरविन्द सिसौदिया

 

 


 

 हमारा हिन्दू संदेश भगवान श्री कृष्ण ने दिया है

सुनो हिन्दूओं को विविध ज्ञान देनें वाले गैर हिन्दूओं, हमारे भगवान श्री कृष्ण ने हमें जो संदेश दिया है वह गीता है। उसमें दिया यह श्नोक भी पढ़लो

‘श्रीमद्भगवद् गीता’ में एक प्रेरणा है, एक मार्गदर्शन हैः-
यदा यदा ही धर्मस्य, ग्लानिर्भवति भारत,
अभ्युत्त्थानमधर्मस्य  तदात्मानं सृजाम्यहम्।

प्रत्येक हिन्दू को भगवान श्रीकृष्ण का अवतार बन कर धर्म की रक्षा करनी चाहिये।

कृष्ण कहता आज है
कृष्ण कहता आज है, गीता मेरी आवाज है,
इस राह पर चलो तुम, विजय तुम्हारे  साथ है !!
   यह एक निर्विवाद सत्य है कि ईश्वर के अवतार धर्म की रक्षा के लिये, उसकी पुर्नस्थापना के लिए ; उद्धार  के लिए, पुर्न उत्थान के लिए होता है ...!  52 सौ  वर्ष पूर्व जिस तरह अधर्म अनैतिकता और आलस्य व्याप्त था और त्राही  त्राही  जगत में हो रही थी वही स्थिति वर्तमान में है..! तब जो क्षत्रिय  के गुण-धर्म भगवान कृष्ण ने अर्जुन को सिखाये थे वे हम भूल चुके हैं । ईश्वर कहता है स्वयं की रक्षा करो, धर्म औश्र समाज की रक्षा करो, इसके लिये कर्म करो; कर्तव्यों का पालन करो ।  ईश्वर कहता है हर पल युध्द है संघर्ष करो , विजय प्राप्त करो । अन्याय करना अधर्म है ; उससे बड़ा अधर्म अन्याय सहना भी है; अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करो....! हम कृष्ण निति  भूल गए...., हम भूल गए कि अन्याय, अत्याचार और अधर्म का प्रवल विरोध करना  धर्म है , इसे  सहना अधर्म है..!! हमारे हर अवतार ने शस्त्र धारण किये हैं , युद्ध लड़े हैं , अधर्म के नाश के लिये शस्त्र ही उठायें हैं!  समय समय पर शस्त्रों का उपयोग भी किया है...!! आज जिन परिस्थितियों में देश फंसा है उनमें हर देशवासी  को देश के हितों की रक्षा के लिए उठ  खड़ा होना चाहिए , लोकतान्त्रिक रास्ते से देश हित के लिए आगे आना चाहिए..! देश कि सरकारों को भी अब उन नीतियों का अनुशरण  करना  चाहिए जो देश का हित कर सकें , शत्रुशरणम  की  नीति; देश को बहुत नुकसान पहुचा चुकी है , अब संभलें ...!!


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